सूर्य देवता की भाँति अग्निवर्ण वस्त्र धारण कर संत स्वयं कुछ नहीं चाहते, किंतु सभी वर्गों के कल्याण की करते हैं कामना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
संतों के मुखारविंद से जो वाणी निकलती है, उससे धन्य हो जाता है संपूर्ण वातावरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ब्रह्मलीन गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस महोत्सव में हुए शामिल
जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ भव्य आयोजन
