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एक 26 साल का नौजवान इंजीनियर आंखों में कुछ अलग करने का सपना लिए एपल के दफ्तर में दाखिल होता है

बात 2001 की है। एक 26 साल का नौजवान इंजीनियर आंखों में कुछ अलग करने का सपना लिए एपल के दफ्तर में दाखिल होता है। उसका काम था- मैक कंप्यूटरों की स्क्रीन का डिजाइन तैयार करना। दिन गुजरते गए, आईफोन, आईपैड, एपल वॉच जैसे गैजेट्स दुनिया के सामने आते गए। इन सबके पीछे की हार्डवेयर इंजीनियरिंग को यही नौजवान चुपचाप तराशता रहा।

आज 25 साल बाद, 1 सितंबर को जब टिम कुक ने 15 साल बाद अपनी कुर्सी छोड़ी, तो पूरी दुनिया की नजरें इसी इंजीनियर पर जाकर टिक गईं। नाम है- जॉन टर्नस। 1976 में शुरू हुई एपल कंपनी के इतिहास में कमान संभालने वाले वे 8वें सीईओ बन गए हैं।

7 सवालों के जवाब में टर्नस की पूरी कहानी…

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