ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: निवेशकर्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 : निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक पहल
रायपुर। जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया, जिसने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 लागू कर निवेश और उद्योगों के लिए एक नई मिसाल कायम की। इस कानून का उद्देश्य व्यवसाय शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध तथा निवेशक-अनुकूल बनाना है। यह अधिनियम प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता रिस्क-बेस्ड क्लासिफिकेशन है। इसके अंतर्गत उद्योगों और व्यावसायिक गतिविधियों को उनके जोखिम के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। कम जोखिम वाले उद्योगों को अनावश्यक निरीक्षणों और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी, जबकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों पर आवश्यक नियामकीय निगरानी जारी रहेगी। इससे उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम होगा और प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
अधिनियम में **डीम्ड अप्रूवल **का भी प्रावधान किया गया है। यदि संबंधित विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन पर निर्णय नहीं लेता है, तो नियमानुसार अनुमति स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी। इससे निवेशकों को अनावश्यक विलंब से मुक्ति मिलेगी, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
व्यवसायों के लिए एक और महत्वपूर्ण सुधार नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त करना है। कई प्रकार के लाइसेंस, पंजीयन एवं अनुमतियों के लिए बार-बार नवीनीकरण कराने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है। अब निर्धारित शर्तों के पालन की स्थिति में अनुमति की वैधता बनी रहेगी। इससे उद्योगों का समय, लागत और प्रशासनिक औपचारिकताएँ कम होंगी तथा विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स को बड़ी राहत मिलेगी।
निवेशकों को सभी सरकारी सेवाएँ एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल को और अधिक सशक्त बनाया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन, विभिन्न विभागों से अनुमतियाँ, आवेदन की ऑनलाइन ट्रैकिंग तथा अन्य आवश्यक सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों का समय तथा लागत दोनों कम होंगे।
अधिनियम में ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी पर भी विशेष बल दिया गया है। उद्योगों को बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुरूप कार्य संचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा। अनावश्यक नियामकीय बाधाओं को कम करते हुए सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा श्रम मानकों से जुड़े आवश्यक प्रावधान यथावत रखे गए हैं। इससे उद्योगों को प्रतिस्पर्धी वातावरण में तेजी से निर्णय लेने और उत्पादन बढ़ाने में सुविधा मिलेगी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने निवेश-अनुकूल शासन, डिजिटल प्रशासन और उद्योगों के लिए सरल नियामकीय व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। यह कानून न केवल राज्य में निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगा। देश के अन्य राज्यों के लिए भी यह अधिनियम एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
