भरपूर खाद-बीज, मजबूत योजनाएं और आधुनिक खेती से समृद्धि की राह पर छत्तीसगढ़ का किसान
उर्वरकों का 98 प्रतिशत भंडारण, किसानों को डीबीटी से हजारों करोड़ की सहायता, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय उपलब्धियों पर दी विस्तृत जानकारी
रायपुर, जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में कृषि को अधिक लाभकारी, तकनीक आधारित और किसान केंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से आर्थिक सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा कृषि अधोसंरचना के विकास के माध्यम से प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज संयुक्त रूप से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव, पशुधन विकास विभाग के श्री चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग संचालक श्री लोकेश चंद्राकर, मत्सय विभाग के संचालक श्री एनएस नाग, छत्तीसगढ़ राज्य मण्डी बोर्ड के एमडी श्री महेन्द्र सवन्नी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति के डॉ. विनित सक्सेना उपस्थित थे।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम तथा कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज संयुक्त रूप से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि, खेती की लागत में कमी तथा कृषि को आधुनिक और टिकाऊ बनाना है। राज्य में कृषि एवं उससे जुड़े सभी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
प्रदेश में पर्याप्त खाद और बीज की उपलब्धता
प्रेसवार्ता में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए अप्रैल से सितंबर तक 15.55 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विरुद्ध 30 जुलाई 2026 तक 15.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 98 प्रतिशत है। किसानों द्वारा अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है तथा लगभग 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध है।
यूरिया का लक्ष्य से अधिक 102 प्रतिशत भंडारण किया गया है, जबकि डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विभाग द्वारा कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अवैध भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। 30 जुलाई तक 5,466 निरीक्षण किए गए, जिनमें अनेक मामलों में एफआईआर, लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण तथा उर्वरक जब्ती जैसी कार्रवाई की गई।
प्रदेश में खरीफ 2026 के लिए लगभग 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग के विरुद्ध 4.85 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों का भंडारण किया गया है, जो लगभग 98 प्रतिशत उपलब्धता को दर्शाता है।
कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिली बड़ी आर्थिक ताकत
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई है।
