दिल्ली की सड़कों पर पांच दिन तक सिर्फ प्रदर्शन नहीं हुआ, बल्कि सत्ता और विरोध की सीधी टक्कर दिखी
दिल्ली की सड़कों पर पांच दिन तक सिर्फ प्रदर्शन नहीं हुआ, बल्कि सत्ता और विरोध की सीधी टक्कर दिखी। कहीं लाठियां चलीं, कहीं आंसू गैस के गोले दागे गए। कहीं प्रदर्शनकारियों को घसीटकर हिरासत में लिया गया, तो कहीं अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को चादर में ढंककर अस्पताल ले जाया गया।
