आयुर्वेद की प्रसिद्ध अवधारणा ‘दिनचर्या’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी आधुनिक जीवनशैली से पहले
आयुर्वेद की प्रसिद्ध अवधारणा ‘दिनचर्या’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी आधुनिक जीवनशैली से पहले थी। तय समय पर जागना, सही वक्त पर खाना, कसरत, पूरी नींद और खान-पान में संयम इसका मूल मंत्र है। विज्ञान भी अब इन आदतों को सही मानता है, बस भाषा अलग है। मसलन सर्केडियन साइकल, मेटाबॉलिज्म और बिहेवियरल साइंस।
