क्राइम ब्रांच सख्त: इंदौर में साइबर फ्रॉड केस में दर्जनों खाते फ्रीज
इंदौर में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल दो अलग-अलग ठगी की घटनाओं में कुल 15 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से ज्यादा बैंक खाते ब्लॉक करा दिए। इन्हीं खातों में ठगों ने पीड़ितों से ठगे गए पैसे जमा कराए थे। अब पुलिस इन ब्लॉक किए गए खातों और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। इसके साथ ही कई टेक्निकल सबूत भी जुटाए जा रहे हैं, जो पूरे गिरोह का खुलासा करने में मदद करेंगे।
दरअसल एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर की एरोड्रम और पलासिया पुलिस के साथ मिलकर क्राइम ब्रांच की टीमें इन मामलों की जांच कर रही हैं। पुलिस की कोशिश है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए और पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। यह कार्रवाई साइबर ठगों को सख्त संदेश है कि इंदौर में ऐसे अपराध करने वाले बच नहीं पाएंगे।
फेसबुक दोस्ती और कस्टम कॉल: रिटायर्ड अफसर से 10 लाख की ठगी
पहला मामला इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र का है, जहां रिटायर्ड अफसर अशोक कुमार को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। उनसे कुल 10 लाख 43 हजार रुपये की ठगी की गई। ठगों ने अपनी योजना की शुरुआत फेसबुक से की। अशोक कुमार को ‘डॉ. लिसा डेविस’ नाम की एक महिला ने स्कॉटलैंड से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। अशोक कुमार ने यह रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली
