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विदेश

शीत्सांग की नई पहल, विकास और आधुनिकता की ओर बढ़ता कदम

शीत्सांग। पिछले कुछ वर्षों में शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश ने विकास और परिवर्तन की एक उल्लेखनीय यात्रा तय की है। कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण पिछड़े माने जाने वाले इस क्षेत्र ने आज आर्थिक प्रगति, सामाजिक स्थिरता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। 2023 से 2026 तक की अवधि में क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है, जो केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम है। शीत्सांग की जीडीपी में लगातार वृद्धि हुई है। 2023 में 9.5% की दर से बढ़कर 2024 के पहले नौ महीनों में 6.2% वृद्धि दर्ज की गई, जो पूरे देश में सबसे ऊपर रही। 2025 में जीडीपी 303 अरब युआन को पार कर 7% बढ़ी, जबकि 2026 के लिए 7% से अधिक का लक्ष्य रखा गया है। ऑनलाइन खुदरा बिक्री में 75% से अधिक की वृद्धि ने अर्थव्यवस्था को नई गति दी। इस आर्थिक उछाल का केंद्र रहा है बुनियादी ढांचे का विस्तार। सरकार ने ‘प्रमुख परियोजना अभियान’ के तहत भारी निवेश किया है। सछ्वान -शीत्सांग रेलवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जो इस क्षेत्र को बाकी देश से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होंगी । वहीं, राजमार्गों के उन्नयन और जल विद्युत परियोजनाओं ने भी गति पकड़ी है। उदाहरण के लिए, त्संगपो नदी पर बन रहा विशाल जलविद्युत बांध न केवल ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल विकास का भी प्रतीक है ।

शीत्सांग अब केवल पारंपरिक अर्थव्यवस्था पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वह तकनीक के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगा रहा है। वर्ष 2025 में क्षेत्र की डिजिटल अर्थव्यवस्था का मूल्य 20 अरब युआन को पार कर गया । सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया है। एक उल्लेखनीय उपलब्धि ‘दीपज़ांग’(DeepZang) नामक तिब्बती भाषा के पहले लार्ज लैंग्वेज मॉडल (ए

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