मिडिल ईस्ट संकट का असर, एशियाई सूचकांक लुढ़के; निवेशकों में घबराहट
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और सप्लाई को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी फ्यूचर्स भी दबाव में कारोबार करते नजर आए। जापान का निक्केई इंडेक्स 4000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 700 से अधिक अंक गिरकर कारोबार कर रहा है।
तेल की कीमतों में दिखा जोरदार उछाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। फ्रंट-मंथ वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स करीब 20.1% उछलकर 109.20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 17.7% बढ़कर 109.13 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा। इस उछाल की बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो जाना बताया जा रहा है। यह मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यहां शिपिंग एक सप्ताह भी बाधित रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट
