Report: तीन लाख करोड़ रुपये का होगा उपभोक्ता बाजार, जानें खरीदारी करने के तरीके में कैसे आया बदलाव
भारत का उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का बाजार तेजी से विस्तार के दौर में है। वर्ष 2029 तक इसके 11 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर करीब तीन लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। जीआई ग्रुप होल्डिंग की रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है।
वेतनभोगियों में किस वर्ग की रहेगी अमह भूमिका?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस बाजार की वृद्धि में वेतनभोगी वर्ग, खासतौर पर युवा पेशेवरों की अहम भूमिका रहेगी।वर्तमान में तेजी से बिकने वाले कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की बिक्री में युवा पेशेवरों की हिस्सेदारी करीब 37 प्रतिशत है।वहीं लगभग 45 प्रतिशत खरीद फाइनेंस, यानी कर्ज या ईएमआई के माध्यम से की जा रही है।
