नीति आयोग की रिपोर्ट: सरकारी कंपनियों के IPO से 2030 तक 20 अरब डॉलर जुटाएगा केंद्र, निजीकरण की योजना टाली
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में आईपीओ के जरिये हिस्सा बेचकर 2029-30 तक 1.79 लाख करोड़ रुपये (20 अरब डॉलर) जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, कंपनियों के पूरी तरह से निजीकरण की योजना को टाल दिया गया है। सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले चार वर्षों में सरकारी संपत्तियों का मौद्रिकरण कर 183.7 अरब डॉलर जुटाने के प्रयास का हिस्सा होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, विमानन और कोयला क्षेत्रों की कंपनियों के आईपीओ आएंगे। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिसंपत्ति मौद्रिकरण के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसके जरिये 2029-30 तक कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल, कंपनियों में कम हिस्सेदारी की बिक्री और निजीकरण सरकार की बजट घाटे को कम करने की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने 2024 के बाद विनिवेश के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करना बंद कर दिया है।
