SIP से बनाएं मजबूत भविष्य: लक्ष्य आधारित निवेश से पाएं बेहतर रिटर्न, बाजार के उतार-चढ़ाव में भी रहें निश्चिंत
निवेश की दुनिया में एक पुरानी कहावत है, बिना लक्ष्य के निवेश करना वैसा ही है, जैसे बिना पते के चिट्ठी पोस्ट करना। यह चिट्ठी कहीं न कहीं तो पहुंचेगी, लेकिन आपके पास नहीं। भारत के बदलते वित्तीय परिदृश्य में, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) सपनों को हकीकत में बदलने के एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरे हैं।आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक भारत में औसत मासिक SIP प्रवाह अब 28,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2016-17 में SIP का औसत मासिक प्रवाह 4,000 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा बताता है कि आम आदमी अब अनुशासित निवेश की ताकत समझ चुका है।आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि पिछले एक दशक में GDP के मुकाबले म्यूचुअल फंड्स का AUM 23% (80 लाख करोड़ रुपये) हो गया है, जो 2010 में 10 फीसदी था। लेकिन याद रखिये, SIP सिर्फ एक टूल है, इसका असली फायदा तब होता है, जब आप इसे अपने जीवन के लक्ष्यों के साथ जोड़ते हैं।
