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व्यापार

Biz Updates: तीसरी तिमाही में बैंकों की कमाई बढ़ी; रिपोर्ट का दावा- इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर

तीसरी तिमाही में बैंकों की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिला है। सिस्टेमैटिक्स ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में वृद्धि, कम स्लिपेज, बेहतर रिकवरी और फीस आय में सुधार के कारण हुई है। इससे बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता बनी हुई दिखाई देती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की कमाई में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण कोर इनकम की मजबूत ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार रहा। कम स्लिपेज और बेहतर रिकवरी से बैंकों की बैलेंस शीट पर दबाव कम हुआ, जबकि फीस से होने वाली आय ने भी कुल कमाई को सहारा दिया।रिपोर्ट के अनुसार, मार्जिन में तिमाही आधार पर सुधार हुआ है, हालांकि आगे यह सीमित दायरे में स्थिर रहने की उम्मीद है। आगे चलकर बैंकों की लाभप्रदता स्वस्थ बनी रहने का अनुमान है। इसकी वजह कर्ज (एडवांसेज) में बेहतर वृद्धि, जमा दरों के पुनर्मूल्यांकन (डिपॉजिट रिप्राइसिंग) से ब्याज खर्च में कमी और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) की कम आवश्यकताओं से मिलने वाला लाभ बताया गया है।वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर दबाव देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का आउटलुक फिलहाल सतर्क बना हुआ है। नुवामा रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन के कारण सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई।रिपोर्ट में बताया गया कि इस तिमाही में कई चुनौतियों की वजह से कमजोरी जारी रही। इनमें घटते हुए एक्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक, पेमेंट से जुड़ी दिक्कतें, लंबा मानसून और निर्माण पर लगे प्रतिबंध शामिल हैं, जिससे प्रोजेक्ट के कामकाज और राजस्व वृद्धि पर असर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कारणों से तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वित्त वर्ष 2027 के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिक आवंटन का वादा किया गया है, फिर भी पूरे सेक्टर को लेकर सतर्क रुख बनाए रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026 में शीर्ष 14 सूचीबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की कुल आय (टॉप लाइन) में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की कमी आई। वहीं लाभप्रदता भी घटी है। औसत EBITDA मार्जिन और समायोजित शुद्ध लाभ (PAT) मार्जिन करीब 40 बेसिस पॉइंट गिरकर क्रमशः 10.1 प्रतिशत और 5.2 प्रतिशत रह गए।

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