भारतीय मूल के धुरंधर ने निकाली ट्रंप की हेकड़ी, नील कत्याल के तर्कों से पलट गया फैसला
वाशिंगटन।अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ) को असंवैधानिक करार देकर रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रपति ने कांग्रेस की अनिवार्य मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर कर लगाकर अपनी संवैधानिक और कानूनी सीमाओं का उल्लंघन किया है। इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में भारतीय मूल के अमेरिकी वकील नील कत्याल रहे, जिन्होंने राष्ट्रपति की शक्तियों को सीधी चुनौती दी। पूर्व कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल नील कत्याल ने अदालत में तर्क दिया कि ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का दुरुपयोग करते हुए लगभग हर व्यापारिक साझेदार देश से आने वाले सामान पर अनुचित और अवैध टैक्स थोप दिया था। फैसले के बाद कत्याल ने इसे संविधान की जीत बताते हुए कहा कि अमेरिका में राष्ट्रपति शक्तिशाली हो सकते हैं, लेकिन संविधान सर्वोपरि है और कर लगाने का अधिकार केवल जनता द्वारा चुनी गई कांग्रेस के पास है।
