Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, कृषि व डेयरी क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करने के क्या है मायने?
भारत में कृषि सिर्फ आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि जीवनशैली है व घरेलू अर्थव्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो 70 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कृषि जहां अत्यधिक मशीनीकरण और कॉरपोरेट आधारित है, वहीं भारत में यह जीवनयापन एवं आजीविका का सवाल है।वैश्विक खाद्य व्यापार का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा करीब पांच बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण में है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से आक्रामक मूल्य निर्धारण रणनीतियों का इस्तेमाल किया है। अपने किसानों को भारी सब्सिडी देने वाले विकसित देशों की इन कंपनियों को भारत अगर कृषि आयात शुल्क में छूट देता है, तो देश में सस्ते अनाज और उत्पादों की बाढ़ आ सकती है। इससे भारतीय किसानों की आय और आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
