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अमेरिका से डील की कीमत: रूस से तेल की खरीद कम करेगा भारत, क्या बदल रही देश की ऊर्जा नीति; समझिए इसके मायने?

केंद्र सरकार के सूत्रों ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ समझौते के तहत भारत अब रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करेगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि नायरा एनर्जी जैसी रिफाइनरियां, जिनके पास कोई अन्य वैकल्पिक स्रोत नहीं है, फिलहाल आयात जारी रखेंगी। मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने बताया, भारतीय रिफाइनरियां घोषणा से पहले किए गए खरीद समझौतों का पालन करना जारी रखेंगी, लेकिन इसके बाद कोई नया ऑर्डर नहीं देंगी।हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (एचपीसीएल), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लि. (एमआरपीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लि. (एचएमईएल) जैसी रिफाइनरियों ने पिछले साल अमेरिका की ओर से मॉस्को के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाने के तुरंत बाद रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था, वहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (बीपीसीएल) जैसी अन्य कंपनियां खरीद धीरे-धीरे कम कर रही हैं।

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