विदेश

सौ साल बाद अमेरिका में भयंकर ठंड, ठिठुरन के चलते पेड़ों से टपकने लगीं छिपकलियां

वॉशिंगटन। अमेरिका के एक बड़े हिस्से में इन दिनों बॉम्ब साइक्लोन ने भारी तबाही मचाई है। बर्फीले तूफान और कड़ाके की ठंड के कारण देश के कई राज्यों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। नॉर्थ कैरोलिना से लेकर फ्लोरिडा तक, कड़ाके की ठंड ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम दो लोगों की जान जा चुकी है और हजारों उड़ानें रद्द होने से यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। तूफान के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सबसे चौंकाने वाले हालात फ्लोरिडा में देखने को मिले, जहाँ पारा शून्य से नीचे जाने के कारण पेड़ों पर रहने वाले इगुआना(छिपकली) सुन्न होकर नीचे गिरने लगे। स्थानीय स्तर पर इसे ‘इगुआना की बारिश’कहा जा रहा है। 1 फरवरी को फ्लोरिडा के कई हिस्सों में तापमान ऐतिहासिक रूप से गिरा, जिसने वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो फरवरी महीने में साल 1923 के बाद का सबसे कम तापमान है। 100 साल बाद आई इस रिकॉर्ड ठंड ने मौसम वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। सामान्यतः यहाँ इन दिनों तापमान 12 से 23 डिग्री के बीच रहता है। ठंड के कारण ठंडे खून वाले जीव इगुआना के शरीर ने काम करना बंद कर दिया और वे सड़कों व फुटपाथों पर बेसुध पड़े नजर आए। प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए इमरजेंसी आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत नागरिकों को इन जीवों को सुरक्षित स्थानों या सरकारी दफ्तरों तक पहुंचाने की छूट दी गई है। बचाव कार्य में जुटी जेसिका किलगोर के मुताबिक, ठंड की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सड़कों से सैकड़ों किलो इगुआना इकट्ठा किए गए, जिनमें से कई की मौत हो चुकी थी।
तूफान का सबसे विनाशकारी असर नॉर्थ कैरोलिना में देखा गया, जहाँ लेक्सिंगटन और वाल्नट माउंटेन्स जैसे इलाकों में 40 से 56 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी चादर जम गई है। राज्य के गवर्नर जोश स्टाइन ने पुष्टि की है कि बर्फबारी और खराब दृश्यता के चलते पिछले दो दिनों में लगभग 1,000 सड़क हादसे हुए हैं। इसी दौरान गैस्टोनिया शहर में एक ट्रक रेलवे क्रॉसिंग पर फंस गया और तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी, हालांकि ड्राइवर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने लोगों को फ्रॉस्टबाइट की चेतावनी देते हुए घरों में रहने की सलाह दी है। ठंड और बर्फबारी ने बिजली आपूर्ति और हवाई सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। शार्लोट डगलस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 800 से अधिक उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि मिसिसिपी, टेनेसी और लुइसियाना सहित कई राज्यों में करीब 1.58 लाख लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि बर्फबारी में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन आने वाले दिनों में चलने वाली तेज बर्फीली हवाएं और भीषण ठंड मुश्किलों को और बढ़ा सकती हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी लेते रहें और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।

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