डेडलाइन्स, दबाव से मुक्ति और डायरेक्शन में एंट्री! अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट की जानें बड़ी वजह
मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने प्लेबैक सिंगिंग (Playback Singing) छोड़ने का इशारा क्या दिया, पूरी इंडस्ट्री (Industry) में जैसे भूकंप आ गया है. जिस आवाज के दम पर फिल्में थोड़ा ज्यादा कमाई करती थीं, वो आवाज अब फिल्मों से विदाई ले रही है. अरिजीत सिंह की आवाज ने पिछले एक दशक से हर आशिक का दिल बहलाया और हर टूटे दिल को सहारा दिया, यही वजह है कि उनके अचानक प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट (Retirement) के ऐलान से उनके फैंस भी दंग रह गए. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर रिटायरमेंट के बाद अरिजीत क्या करेंगे? आइए समझते हैं अरिजीत के इस कदम के पीछे की 4 सबसे बड़ी थ्योरीज, जो फैंस के सवालों का जवाब दे सकती हैं.
- पिछले 4 दशकों से म्यूजिक इंडस्ट्री कवर कर रहीं सीनियर जर्नलिस्ट लिपिका वर्मा कहती हैं कि अब तक अरिजीत सिंह एक गाना गाते थे, फिल्म हिट होती थी, म्यूजिक कंपनी करोड़ों कमाती थी, लेकिन अरिजीत को मिलती थी सिर्फ एक बार की ‘फिक्स फीस’. इसे एक तरह से ‘फ्री पीआर टूल’ की तरह इस्तेमाल करना भी कहते हैं. लेकिन अब अरिजीत ने खेल पलट दिया है. उनके पास अब उनका करोड़ों का ‘फैनबेस है, उसे वो अपने ‘इंडी लेबल’ (ओरियन म्यूजिक) पर शिफ्ट कर रहे हैं. जब अरिजीत सिंह अपना गाना खुद के चैनल पर रिलीज करेंगे, तो उस गाने की ‘आईपी’ (मालिकाना हक) उनके पास होगी, जिसके लिए ताउम्र जो भी रॉयल्टी आएगी, वो सीधा अरिजीत की जेब में जाएगी. ये वही मॉडल है, जिसे आज के बड़े एक्टर्स अपनाते हैं, यानी खुद की फिल्म बनाओ और खुद ही मालिक बनो! हाल ही में जावेद अख्तर और शंकर महादेवन ने भी कई सिंगर और म्यूजिशियन के साथ मिलकर गुनगुनालो ऐप बनाया है, इस ऐप पर आर्टिस्ट खुद का म्यूजिक बनाकर अपलोड कर सकते हैं और अगर किसी फिल्म के लिए मेकर्स को वो खरीदना है, तो उन्हें सीधे आर्टिस्ट से बात करनी होगी और उनकी शर्तों पर म्यूजिक खरीदना होगा. अरिजीत भी इसी पैटर्न का इस्तेमाल कर सकते हैं.
