मनोरंजन

जब क्राइम कहानियां सिर्फ रहस्य सुलझाने तक सीमित न रहकर इंसान के मन में झांकने लगती हैं, तब उनका असर अलग होता

जब क्राइम कहानियां सिर्फ रहस्य सुलझाने तक सीमित न रहकर इंसान के मन में झांकने लगती हैं, तब उनका असर अलग होता है। दलदल भी ऐसी ही एक वेब सीरीज है। यह समझने की कोशिश करती है कि अपराध कैसे और किन हालात में पैदा होता है। यह सीरीज डराने से ज्यादा बेचैन करती है और देखने वाले के मन में कई सवाल छोड़ जाती है।

सीरीज की कहानी

7 एपिसोड की इस वेब सीरीज की कहानी मुंबई की एसीपी रीता फरेरा के इर्द-गिर्द घूमती है। वह एक सीरियल किलर से जुड़े केस की जांच कर रही हैं, लेकिन यह जांच सिर्फ क्राइम सीन तक सीमित नहीं रहती। यह उसे उसके अपने अतीत, पुराने जख्मों और अंदर के डर से भी आमने-सामने खड़ा कर देती है। बचपन का दर्द, ऑफिस में खुद को बार-बार साबित करने का दबाव और खुद पर भरोसे की कमी कहानी की रीढ़ हैं। आइडिया दमदार है, लेकिन कुछ जगह कहानी की पकड़ ढीली पड़ती है। कई सीन ऐसे हैं, जहां तर्क पूरी तरह काम नहीं करता।

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